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हिन्दी अध्ययन संस्करण

ज्योतिष को
संरचना से समझें।

भविष्यवाणी के दावों से पहले गणना, शब्दावली और परंपरा की सीमाएँ समझने वाली वैदिक ज्योतिष पत्रिका।

मार्गदर्शिकाएँ पढ़ें

आरंभिक पाठ

चार आधारभूत मार्गदर्शिकाएँ

01 · ज्योतिष का परिचय

ज्योतिष क्या है? वैदिक ज्योतिष का आरंभिक मानचित्र

ज्योतिष में ग्रह, राशि, भाव, लग्न, नक्षत्र और दशा क्या हैं तथा जन्म कुंडली पढ़ने से पहले किन गणना-विकल्पों को जानना चाहिए।

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02 · नक्षत्र

27 नक्षत्र: प्रतीकों से पहले उनकी संरचना

27 नक्षत्र, प्रत्येक के चार पद, 108 विभाग और वैदिक ज्योतिष में चंद्र नक्षत्र तथा विम्शोत्तरी दशा की भूमिका समझें।

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03 · गणना के आधार

निरयन और सायन राशि चक्र में क्या अंतर है?

निरयन और सायन राशि चक्र के अलग संदर्भ-बिंदु, अयनांश और एक ही जन्म कुंडली में राशि बदलने का कारण सरल हिन्दी में।

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04 · कुंडली पढ़ने का क्रम

लग्न और बारह भाव: जन्म कुंडली कहाँ से पढ़ना शुरू करें

लग्न पहचानने से लेकर भावेश, ग्रह-स्थिति, दृष्टि और दशा तक जन्म कुंडली पढ़ने का क्रम हिन्दी में समझें, एक काल्पनिक उदाहरण सहित।

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संपादकीय सिद्धांत

विधि स्पष्ट रखें,
अनिश्चितता भी।

01हर लेख में प्रयुक्त राशि चक्र, अयनांश और तकनीक का नाम दिया जाता है।

02एक ग्रह, राशि या योग को पूरी कुंडली का अंतिम निर्णय नहीं माना जाता।

03ज्योतिष को अध्ययन और आत्मचिंतन की परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, गारंटी के रूप में नहीं।